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दिल्ली

क्या है लॉक डाउन? जाने क्या रहेगा, बंद क्या रहेगा खुला?

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कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए विभिन्न देश प्रयास कर रहे हैं यह महामारी भयावह रूप ले चुकी है भारत में संक्रमित लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है अब तक भारत में 345 लोगों को संक्रमित पाया गया है जबकि 5 लोगों की मौत हो चुकी है। देश में भी लॉक डाउन की नौबत आ चुकी है।

भारत में आज जनता कर्फ्यू लगा हुआ है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर पूर्ण रूप से इस संक्रमण पर काबू पाना है तो पूरे भारत को लाउड डाउन करना ही पड़ेगा। अब तक पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड समेत देश के 75 जिलों को 31 मार्च तक के लिए लॉक डाउन  कर दिया गया है।
ऐसे में आपके लिए जानना बेहद जरूरी है कि लॉक डाउन की स्थिति कैसी होती है ? लॉक डाउन होने से आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा? और लॉक डाउन होने से क्या  खुले रहेंगे और क्या बंद रहेंगे? आइए आपको विस्तार से समझाते हैं लॉक डाउन के बारे में –

वैसे लॉक डाउन शब्द का प्रयोग पश्चिमी एशिया में स्थिति को सामान्य करने के लिए कई बार किया जा चुका है।

भारत में लोगों को घरों में रखने के लिए कर्फ्यू लगाया जाता है । या तो धारा 144 लगाकर भीड़ को काबू में किया जाता है या आपात स्थितियों से निपटा जाता है । कुल मिलाकर भारत में इमरजेंसी जैसी स्थित से निपटने के लिए धारा 144 जैसे कानून का सहारा लेना पड़ता है।
आपको शायद जानकर हैरानी होगी कि लॉक डाउन का इस्तेमाल भारत में पहली बार हो रहा है। लॉक डाउन का सीधा मतलब है कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाओं पर पाबंदी यानी कुछ इमरजेंसी चीजों को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा। लोग अपने घरों में रहेंगे। लॉक डाउन के दौरान  आपात स्थिति होने पर ही आपको घर से निकलने की अनुमति रहेगी।

इससे पहले लॉक डॉउन का इस्तेमाल  में अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद तीन दिन के लिए पहली बार लॉकडाउन किया था।
2013 में बॉस्टन और 2015 में पेरिस हमले के बाद ब्रुसेल्स लॉकडाउन किया गया था।

लॉक डाउन के समय  ऐसी रहेगी स्थिति

  • दूध, सब्जी और दवा की दुकानें लॉकडाउन के दौरान खुले रहेंगे।
  • अस्पताल और क्लीनिक भी इस दौरान खुले रहेंगे।
  • इसके अलावा राशन की दुकानें भी खुली रहेंगी।
  • किसी बेहद जरूरी काम के लिए भी प्रशासन की ओर से छूट मिल सकती है।
  • अगर बहुत जरूरी हो तो लॉकडाउन में भी निजी वाहनों का प्रयोग किया जा सकता है।
  •  बिना वजह बाहर घूमने पर सरकार कार्रवाई कर सकती है।
  • आपात व्यवस्था में एंबुलेंस को भी बुला सकते हैं।

अगर कोरोना वायरस को मात देनी है तो हम सब को एक साथ मिलकर इस लड़ाई में सरकार का समर्थन करना होगा और निर्देशित तत्वों के आधार पर ही चलना पड़ेगा । तभी इस भयावह स्थिति से निपटा जा सकता है। कुल मिलाकर आपकी सुरक्षा आपके हांथ में हैं।

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दिल्ली

यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव सिंह को दादी दादा गौरव सम्मान

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IAS officer Sanjeev Singh

नई दिल्लीः देश के अठारह करोड़ बुज़ुर्ग नागरिकों की बेहतरी के लिए काम करने वाले दादी दादा फ़ाउंडेशन ने उत्तर प्रदेश कैडर के 2012 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव सिंह को दादी दादा गौरव सम्मान देने की घोषणा की है। यह सम्मान उन्हें वृद्ध व्यक्तियों के लिए मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या के मौक़े पर नई दिल्ली में दिया जायेगा। फ़ाउंडेशन की ओर से बुज़ुर्ग नागरिकों की सेवा में अतुलनीय उदाहरण पेश करने के लिए आईएएस अधिकारी संजीव सिंह को यह सम्मान दिया जायेगा। ग़ौरतलब है कि संजीव सिंह इस समय उत्तर प्रदेश के जनपद फ़तेहपुर के ज़िलाधिकारी हैं।

फ़तेहपुर के ज़िलाधिकारी संजीव सिंह के लिए दादी दादा गौरव सम्मान की घोषणा करते हुए फ़ाउंडेशन के निदेशक मुनिशंकर ने कहा कि “फ़तेहपुर के ज़िलाधिकारी संजीव सिंह ने बुज़ुर्गों की सेवा के लिए श्रवण पुत्र की तरह जो व्यवहार किया है, वो अनुकरणीय और प्रशंसनीय है। उन्होंने सहबसी गाँव की बुज़ुर्ग रामप्यारी उर्फ़ भगवती देवी के लिए जैसा सुहृदय पेश किया है उससे हम सभी को बुज़ुर्गों की सेवा के लिए प्रेरणा मिली है।”

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दिल्ली

दिल्ली सीएम केजरीवाल की तबियत बिगड़ी आज होगा कोराना टेस्ट, खुद को किया आइसोलेट

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Delhi CM Kejriwal's health deteriorates today, Korana test, isolates himself

दिल्ली में कोराना का हाल दिन प्रतिदिन बिगड़ता जा रहे है जिसका असर अब दिल्ली के मुख्यमंत्री पर भी हो चुका है । दरसअल रविवार से केजरीवाल की तबियत खराब है , उन्हें हल्का बुखार और गले में खराश है जिसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। मुख्यमंत्री का मंगलवार को कोरोना का टेस्ट होगा। केजरीवाल ने रविवार से अपनी सारी मीटिंग्स रद कर दी है ।

वही केजरीवाल की तबियत को लेकर दिल्ली उपमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत ठीक नहीं है वो खुद को घर में आइसोलेट कर चुके है और अपनी सारी बैठकें रद्द कर दी है।

अरविंद केजरीवाल की ख़राब तबियत की खबर सुन कर कई सारे नेताओं ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई। वही हाल ही में दिल्ली में बीजेपी के नए अध्यक्ष आदेश गुप्ता और केजरीवाल के पुराने दोस्त कुमार विश्वास ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्विटर पर ट्वीट किया। वहीं केजरीवाल ने अपनी सारी मीटिंग कैंसिल कर खुद को आइसोलेट कर दिया है।

यदि देश की राजधानी में कोरोना की बात करे तो यहां केसेज बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। अब तक दिल्ली में करीब 29 हजार मरीज संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि अगले 15 दिनों में बेड की संख्या डबल कर दी जाएगी। इस दौरान दिल्ली सीएम केजरीवाल ने दिल्ली के अस्पतालों में बाहरी लोगों का इलाज करने पर रोक लगा दी थी लेकिन इस आदेश को एलजी अनिल बैजल ने बदल दिया है। जिसके बाद राजनीति तेज हो गई है।

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दिल्ली

लॉकडाउन की वजह से लोगों की जा रही है नौकरियां, बेरोजगारी दर बढ़ी

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कोरोना वायरस के संकट से उबरने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक के लिए लगा हुआ है। इस महामारी की वजह से भारत ही नहीं विभिन्न विकसित और विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। अर्थव्यवस्था ही नहीं सुस्ती हो रही है बल्कि देश में लगे लॉकडाउन की वजह से लोग बेरोजगार हो रहे हैं।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के सप्ताहिक ट्रैकर सर्वे के अनुसार देश में शहरी बेरोजगार दर 30.09 फ़ीसदी तक हो गई है। जबकि देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 23.4 तक पहुंच गई है। मार्च महीने के मध्य के 8.4 से बढ़कर बेरोजगारी दर 23 फ़ीसदी तक पहुंच गई है।

इतने लोगों को नौकरी से धोना पड़ा हाथ

जैसे – जैसे देश की अर्थव्यवस्था सुस्ती होती जा रही है, ठीक उसी प्रकार लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ रहा है। भारत ही नहीं अमेरिका की भी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं। भारत में पिछले दो हफ्तों में कहे 50000000 लोग अपनी नौकरी से हांथ धो बैठे हैं। अगर इस महामारी की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बेरोजगारी का आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। लॉक डाउन की वजह से जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बंद हैं। जिसकी वजह से बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं।

‌‌ व्यापार संगठन रहा काफी प्रभावित

कोविड-19 नामक महामारी की वजह से व्यापार संगठन काफी प्रभावित हुआ है। व्यापार संगठन को हजारों करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। लगभग हर बड़ी कंपनियों को इस महामारी जी की वजह से अच्छा – खासा नुकसान उठाना पड़ा है। एक तरफ जहां देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है तो दूसरी तरफ कोविड-19 से मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला जा रहा है। विश्व भर में इस वायरस के कारण अब तक 55000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 से 12 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं।

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