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UP Budget 2020: योगी सरकार के सबसे बड़े बजट के 14 बड़े ऐलान

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UP Budget 2020
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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार आज चौथा बजट ऐतिहासिक बजट पेश ने पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में यह बजट पेश किया। 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख का यह बजट कई मामलों में ऐतिहासिक है। बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई हैं। यह बजट  ऐतिहासिक इसलिए है क्योंकि यूपी के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब इतना बड़ा बजट पेश किया गया हो। 

योगी सरकार के इस बजट में पर्यटन, संस्कृति और धर्मार्थ कार्यों के लिए अलग से बजट तय किया गया है। अयोध्या को स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित करने की योगी सरकार की योजना है। अयोध्या में उच्चस्तरीय सुविधाओं को स्थापित करने के लिए 85 करोड़ की व्यवस्था की गई है। तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था की गई है। वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ की व्यवस्था की गई है। पर्यटन इकाई के प्रोत्साहन के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था की गई है। गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए योगी सरकार बजट आवंटित करेगी।

महिला और बाल कल्याण के लिए भी योगी सरकार प्रयासरत है। योगी सरकार के चौथे बजट में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतगर्त कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान 68 जनपदों में संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए एक हजार 200 करोड़ आवंटित किए जाएंगे।

निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत निराश्रित महिलाओं और उनके बच्चों के भरण पोषण के लिए 500 करोड़ की धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी। इस योजना के अंतगर्त एक हजार 432 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए वृद्ध और निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास एवं जीवन यापन के लिए स्वाधार गृह योजना का संचालन किया जाएगा।

योगी सरकार यूपी के बड़े शहरों में मेट्रो योजनाओं की शुरुआत करने वाली है। कानपुर मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए 358 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।आगरा मेट्रो रेल परियोजना के लिए 286 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। गोरखपुर और अन्य शहरों के लिए 200 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

 

 और क्या क्या है बजट ?

 

1 प्रधानमंत्री आवास के तहत 5 लाख आवास का निर्माण लक्ष्य 6240 करोड़ का आवंटन।

 

2 स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव के लिए 5,791 करोड़ रुपये।

 

3 मनरेगा की विभिन्न योजनाओं के तहत 4800 करोड़ रुपये।

 

4  जल शक्ति एवं नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 6 हजार करोड़ अटल भू-जल योजना।

 

5 काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए 200 करोड़ रुपये।

 

6 अयोध्या एयरपोर्ट के लिए 500 करोड़ रुपये।

 

7 युवाओं के रोजगार सृजन और प्लेसमेंट हब के लिए 1200 करोड़ रुपये।

 

8 बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पर भी है योगी सरकार का जोर-

 

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 100 टॉपर छात्राओं को खास तोहफा मिलेगा। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति में टॉपर छात्राओं को लैपटॉप दिया जाएगा। डिप्लोमा सेक्टर में प्रवेश परीक्षाओं में चुने जाने वाले 300 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप दिया जाएगा।

 

9  दिल्ली से मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए 900 करोड़ रुपये।

 

10 गांवों में जल जीवन मिशन को 3000 करोड़ रुपये।

 

11 KGMU को 919 करोड़ रुपये।

 

12 अटल आवासीय विद्यालय के लिए 270 करोड़ रुपये।

 

13 बजट में 10 हज़ार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं सम्मिलित

 

14 लखनऊ में राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल की स्थापना के लिए 50 करोड़ रुपये

 

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लॉकडाउन की वजह से लोगों की जा रही है नौकरियां, बेरोजगारी दर बढ़ी

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कोरोना वायरस के संकट से उबरने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक के लिए लगा हुआ है। इस महामारी की वजह से भारत ही नहीं विभिन्न विकसित और विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। अर्थव्यवस्था ही नहीं सुस्ती हो रही है बल्कि देश में लगे लॉकडाउन की वजह से लोग बेरोजगार हो रहे हैं।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के सप्ताहिक ट्रैकर सर्वे के अनुसार देश में शहरी बेरोजगार दर 30.09 फ़ीसदी तक हो गई है। जबकि देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 23.4 तक पहुंच गई है। मार्च महीने के मध्य के 8.4 से बढ़कर बेरोजगारी दर 23 फ़ीसदी तक पहुंच गई है।

इतने लोगों को नौकरी से धोना पड़ा हाथ

जैसे – जैसे देश की अर्थव्यवस्था सुस्ती होती जा रही है, ठीक उसी प्रकार लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ रहा है। भारत ही नहीं अमेरिका की भी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं। भारत में पिछले दो हफ्तों में कहे 50000000 लोग अपनी नौकरी से हांथ धो बैठे हैं। अगर इस महामारी की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बेरोजगारी का आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। लॉक डाउन की वजह से जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बंद हैं। जिसकी वजह से बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं।

‌‌ व्यापार संगठन रहा काफी प्रभावित

कोविड-19 नामक महामारी की वजह से व्यापार संगठन काफी प्रभावित हुआ है। व्यापार संगठन को हजारों करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। लगभग हर बड़ी कंपनियों को इस महामारी जी की वजह से अच्छा – खासा नुकसान उठाना पड़ा है। एक तरफ जहां देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है तो दूसरी तरफ कोविड-19 से मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला जा रहा है। विश्व भर में इस वायरस के कारण अब तक 55000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 से 12 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं।

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सांसद निधि को 2 साल के लिए किया गया स्थगित, राष्ट्रपति लेंगे बस इतनी तनख्वाह

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देश में फैले महामारी कोविड 19 नमक कोरोना वायरस को मद्देनजर सोमवार की कैबिनेट मीटिंग में अहम फैसले लिए गए। इस कैबिनेट मीटिंग में सांसद निधि को 2 साल के लिए टालने का भी फैसला किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल समेत कई सांसदों ने अपनी वेतन का 30 फीसदी योगदान देने को कहा है। 2 साल के लिए MPLAD फंड के 7900 करोड़ रुपये का उपयोग भारत की संचित निधि में किया जाएगा।

Prakash Javadekar

@PrakashJavdekar

briefing by I&B Minister @PrakashJavdekar
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📍Venue : National Media Centre, New Delhi

Watch LIVE on PIB’s

YouTube: https://youtu.be/kNpRcw5b8Ek 
Facebook: http://facebook.com/pibindia/ 

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कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कैबिनेट ने भारत में महामारी के प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के लिए 2020-21 और 2021-22 के लिए सांसदों को मिलने वाले MPLAD फंड को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है।

सोमवार को कैबिनेट की यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी जिसमें 1954 के सांसद अधिनियम के तहत सदस्यों, के वेतन, भत्ते, और पेंशन में संशोधन के लिए अध्यादेश की मंजूरी दे दी। 1 अप्रैल 2020 से 1 साल के लिए भत्ते और पेंशन को 30 फीसदी तक कम कर दिया गया है।

तेजी से फ़ैल रही इस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी जत में ले लिया है। भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 4 हजार के पार जा चुकी है । जबकि मरने वालों की संख्या 100 का पार जा चुकी है। इस समय देश को इस महामारी से बचाने के लिए हम सब के योगदान की जरूरत है। हेडलाइन्स ऑफ टूडे आप से यही अपील करता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, घर से बाहर न निकले, इमरजेंसी में ही घर से बाहर निकले। अभी देश में 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडॉउन लगा हुआ है। जिसमे से मात्र अब 8 दिन बचे हैं। इसके बाद सरकार क्या फ़ैसला लेगी, ए तो अब 14 अप्रैल के बाद हि मालुम चल पाएगा।

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सरकार ने राहत पैकेज का किया एलान, गरीबों को होगा फायदा

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देश महामारी कोरोना वायरस से लड़ रहा है। संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। और इस महामारी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर उतर गई है। सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को 1.70 लाख करोड़ के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया, ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।

इस महामारी से 20 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 4.5 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं। इटली, ईरान, स्पेन, अमेरिका में तो हाहाकार मचा हुआ है। एक दिन 700 से 800 लोगों की मौत हो रही है। इटली में तो हालात बेकाबू नज़र आ रहे हैं। भारत में भी संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 11 लोगों की मौत हो चुकी है, 600 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।

इस महामारी से भारत ही नहीं समूचे विश्व की अर्थव्यवस्था पर लगाम लगी हुई है। उद्योग जगत को अरबों, खरबों हजार डॉलर का नुकसान हो गया है। ए नुकसान अभी हो भी रहा है। भारत सरकार ने 1.70 लाख करोड़ के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया है । इस राहत पैकेज से गरीबों के खाने का इंतजाम किया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी इस राहत पैकेज से देश की अर्थव्यवस्था में थोड़ा सुधार तो होगा ही। सरकार ने जो बड़ा ऐलान किया है, उसमें 3 महीनों तक इम्प्लॉई और इम्प्लॉयर दोनों के हिस्से का योगदान सरकार करेगी। यह वहां लागू होगा जहां 100 से कम कर्मचारी हैं और 90 फीसदी 15 हजार से कम वेतन पाते हैं।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ए भी ऐलान किया है कि जो लोग चाहे वो डॉक्टर हो, नर्स हों, पुलिस के जवान हों कोरोना की लड़ाई में साथ दे रहे हैं सभी के लिए यह सरकार 50 लाख का इंश्योरेंस कवर देगी। इससे 20 लाख मेडिकल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ गरीब लोगों को कवर किया जाएगा। इस योजना के तहत अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल/गेहूं मुफ्त में दिया जाएगा। इसके अलावा एक किलो दाल हर परिवार को मुफ्त में मिलेगा।

ए वक्त घर में रहकर अपनी जान बचाने का है। अगर जान प्यारी है तो सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें। मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में आप अपने आप को खुद ही बचा सकते हैं। Social Distancing बनाए और अपने आप को समय समय पर सैनिटाइज करते रहें।

राहत पैकेज से इनको होगा फ़ायदा

 

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