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गर्भवती महिलाएं पढ़े की महामारी कोरोना वायरस उनके लिए कितनी घातक है, कैसे करें बचाव?

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कोरोना वायरस पूरी दुनिया में जैसे इंटरनेट के माध्यम से ख़बर फैलती है। ठीक उसी प्रकार यह महामारी एक इंसान से दूसरों इंसान में फ़ैल रही है। अब तक विश्व भर में 20 हजार लोगों इस महामारी ने मौत के घाट उतार दिया है। जबकि 4.5 लाख लोग इसके संक्रमण से जूझ रहे हैं। ऐसे में खास कर गर्भवती महिलाओं के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यह वायरस उनके और उनके पेट में पल रहे बच्चे के लिए कितना ख़तरनाक साबित हो सकती है। आइए जानते हैं, गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए क्या नहीं-

 

  1. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO कि मैने तो अगर गर्भवती महिलाओं में इस वायरस का कोई भी लक्षण दिखता है तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। और अगर अगर गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होती है तो उन्हें इसके लिए विशेष ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ेगी।
  2. WHO की तरफ से कहा गया है कि अभी तक किसी गर्भवती महिला के गर्भ में मौजूद तरल या दूध (breastmilk) में नहीं पाया गया है। जिससे उसके गर्भ में मौजूद भ्रूण या हाल में जन्में बच्चे तक ये वायरस पहुंच सके । अभी तक कोई ऐसा ऐसा मामला नहीं पाया गया है।
  3. WHO कि जारी गाइडलाइंस के मुताबिक अगर इस वायरस के संक्रमण की वजह से मां कि तबीयत अधिक ख़राब हो जाती है । तो ऐसे में स्वस्थ होने तक वह बच्चे को सीधे अपना दूध नहीं पिला सकती तो इसके कई विकल्प हैं। इसके लिए मां को अपना दूध निकालकर बच्चे को (Expressing Milk) पिला सकती है।
  4. WHO का कहना है कि जरूरी नहीं कि कोविड-19 संदिग्ध या संक्रमित महिलाओं को ऑपरेशन के जरिये ही डिलीवरी करानी चाहिये। ऑपरेशन से डिलीवरी तभी होनी चाहिए जब चिकित्सकीय रूप से उसकी आवश्यकता पड़े। प्रसव किस तरह से हो ये महिला की इच्छा, चिकित्सकीय स्थितियों और अलग-अलग प्रसव कंडीशन पर निर्भर करता है। प्रसव के दौरान यह बेहद जरूरी है कि आपकी इच्छा के अनुसार कोई एक करीबी आपके साथ मौजूद रहे ताकि। वह आपकी देखभाल कर सके। मैटेरनिटी स्टॉफ (Maternity Staff) के साथ स्पष्ट संवाद होना बेहद आवश्यक है। अगर प्रसव के दौरान दर्द निवारण के लिए उचित पेन रिलीफ स्ट्रेटिजी (Pain Relief Strategies) डॉक्टर के कहे अनुसार ही खाएं।

कोवाड 19 नामक भयावह महामारी से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को भी वहीं सावधानियां बरतने की आवश्यकता है जो एक आम इंसान इस महामारी से बचने के लिए कर रहा है।

  • सैनिटाइजर, अल्कोहल युक्त साबुन से निरन्तर अपने हांथ 20 सेकंड तक पानी से धोएं।
  • सोशल डिसटैंसिंग अपनाना बेहद जरूरी है। जितनी दूरी हो सके उतनी दूरी लोगों से बनाए। यहां तक अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी कम से कम दो मीटर की दूरी बना कर रखें। भीड़भाड़ वाले इलाके में भ्रमण न करे जितना हो सके अपने घर पर ही रहें।
  • अपने हांथ को अपनी आंख, नाक व मुंह पर न ले जाए। क्योंकि आपके आंख, नाक व मुंह के माध्यम से यह वायरस आपके शरीर के अंदर जा सकता है।
  • गर्भवती महिलाएं या जिन्होंने हाल में बच्चे को जन्म दिया है, अगर वो कोरोना वायरस से संक्रमित भी हैं तो वह अपना रूटीन ट्रीटमेंट जारी रखें। ताकि उनको पल पल की खबर मिलती रहे की उनका स्वास्थ कैसा है।
  • जब खांसी या छींक आए तो मुंह और नाक को कोहनी मोड़कर कवर लें । या तो रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और उस टिश्यू पेपर को बंद डस्टबीन डिब्बे में डाल दें।
  • शरीर में कुनकुनाहट है, बुखार, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो बिना देर किए तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। और अस्पताल जाकर जांच कराएं।
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लॉकडाउन की वजह से लोगों की जा रही है नौकरियां, बेरोजगारी दर बढ़ी

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कोरोना वायरस के संकट से उबरने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक के लिए लगा हुआ है। इस महामारी की वजह से भारत ही नहीं विभिन्न विकसित और विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। अर्थव्यवस्था ही नहीं सुस्ती हो रही है बल्कि देश में लगे लॉकडाउन की वजह से लोग बेरोजगार हो रहे हैं।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के सप्ताहिक ट्रैकर सर्वे के अनुसार देश में शहरी बेरोजगार दर 30.09 फ़ीसदी तक हो गई है। जबकि देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 23.4 तक पहुंच गई है। मार्च महीने के मध्य के 8.4 से बढ़कर बेरोजगारी दर 23 फ़ीसदी तक पहुंच गई है।

इतने लोगों को नौकरी से धोना पड़ा हाथ

जैसे – जैसे देश की अर्थव्यवस्था सुस्ती होती जा रही है, ठीक उसी प्रकार लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ रहा है। भारत ही नहीं अमेरिका की भी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं। भारत में पिछले दो हफ्तों में कहे 50000000 लोग अपनी नौकरी से हांथ धो बैठे हैं। अगर इस महामारी की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बेरोजगारी का आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। लॉक डाउन की वजह से जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बंद हैं। जिसकी वजह से बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं।

‌‌ व्यापार संगठन रहा काफी प्रभावित

कोविड-19 नामक महामारी की वजह से व्यापार संगठन काफी प्रभावित हुआ है। व्यापार संगठन को हजारों करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। लगभग हर बड़ी कंपनियों को इस महामारी जी की वजह से अच्छा – खासा नुकसान उठाना पड़ा है। एक तरफ जहां देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है तो दूसरी तरफ कोविड-19 से मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला जा रहा है। विश्व भर में इस वायरस के कारण अब तक 55000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 से 12 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं।

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सांसद निधि को 2 साल के लिए किया गया स्थगित, राष्ट्रपति लेंगे बस इतनी तनख्वाह

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देश में फैले महामारी कोविड 19 नमक कोरोना वायरस को मद्देनजर सोमवार की कैबिनेट मीटिंग में अहम फैसले लिए गए। इस कैबिनेट मीटिंग में सांसद निधि को 2 साल के लिए टालने का भी फैसला किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल समेत कई सांसदों ने अपनी वेतन का 30 फीसदी योगदान देने को कहा है। 2 साल के लिए MPLAD फंड के 7900 करोड़ रुपये का उपयोग भारत की संचित निधि में किया जाएगा।

Prakash Javadekar

@PrakashJavdekar

briefing by I&B Minister @PrakashJavdekar
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📍Venue : National Media Centre, New Delhi

Watch LIVE on PIB’s

YouTube: https://youtu.be/kNpRcw5b8Ek 
Facebook: http://facebook.com/pibindia/ 

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कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कैबिनेट ने भारत में महामारी के प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के लिए 2020-21 और 2021-22 के लिए सांसदों को मिलने वाले MPLAD फंड को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है।

सोमवार को कैबिनेट की यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी जिसमें 1954 के सांसद अधिनियम के तहत सदस्यों, के वेतन, भत्ते, और पेंशन में संशोधन के लिए अध्यादेश की मंजूरी दे दी। 1 अप्रैल 2020 से 1 साल के लिए भत्ते और पेंशन को 30 फीसदी तक कम कर दिया गया है।

तेजी से फ़ैल रही इस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी जत में ले लिया है। भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 4 हजार के पार जा चुकी है । जबकि मरने वालों की संख्या 100 का पार जा चुकी है। इस समय देश को इस महामारी से बचाने के लिए हम सब के योगदान की जरूरत है। हेडलाइन्स ऑफ टूडे आप से यही अपील करता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, घर से बाहर न निकले, इमरजेंसी में ही घर से बाहर निकले। अभी देश में 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडॉउन लगा हुआ है। जिसमे से मात्र अब 8 दिन बचे हैं। इसके बाद सरकार क्या फ़ैसला लेगी, ए तो अब 14 अप्रैल के बाद हि मालुम चल पाएगा।

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सरकार ने राहत पैकेज का किया एलान, गरीबों को होगा फायदा

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देश महामारी कोरोना वायरस से लड़ रहा है। संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। और इस महामारी के चलते भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर उतर गई है। सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को राहत देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को 1.70 लाख करोड़ के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया, ताकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके।

इस महामारी से 20 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 4.5 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं। इटली, ईरान, स्पेन, अमेरिका में तो हाहाकार मचा हुआ है। एक दिन 700 से 800 लोगों की मौत हो रही है। इटली में तो हालात बेकाबू नज़र आ रहे हैं। भारत में भी संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। 11 लोगों की मौत हो चुकी है, 600 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।

इस महामारी से भारत ही नहीं समूचे विश्व की अर्थव्यवस्था पर लगाम लगी हुई है। उद्योग जगत को अरबों, खरबों हजार डॉलर का नुकसान हो गया है। ए नुकसान अभी हो भी रहा है। भारत सरकार ने 1.70 लाख करोड़ के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया है । इस राहत पैकेज से गरीबों के खाने का इंतजाम किया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी इस राहत पैकेज से देश की अर्थव्यवस्था में थोड़ा सुधार तो होगा ही। सरकार ने जो बड़ा ऐलान किया है, उसमें 3 महीनों तक इम्प्लॉई और इम्प्लॉयर दोनों के हिस्से का योगदान सरकार करेगी। यह वहां लागू होगा जहां 100 से कम कर्मचारी हैं और 90 फीसदी 15 हजार से कम वेतन पाते हैं।

आपको बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ए भी ऐलान किया है कि जो लोग चाहे वो डॉक्टर हो, नर्स हों, पुलिस के जवान हों कोरोना की लड़ाई में साथ दे रहे हैं सभी के लिए यह सरकार 50 लाख का इंश्योरेंस कवर देगी। इससे 20 लाख मेडिकल कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है। पहला-प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ गरीब लोगों को कवर किया जाएगा। इस योजना के तहत अगले तीन महीने तक पांच किलो चावल/गेहूं मुफ्त में दिया जाएगा। इसके अलावा एक किलो दाल हर परिवार को मुफ्त में मिलेगा।

ए वक्त घर में रहकर अपनी जान बचाने का है। अगर जान प्यारी है तो सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें। मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में आप अपने आप को खुद ही बचा सकते हैं। Social Distancing बनाए और अपने आप को समय समय पर सैनिटाइज करते रहें।

राहत पैकेज से इनको होगा फ़ायदा

 

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