करगिल विजय के 20 बरस पुरे होने पर देश ने वीर सपूतों को किया नमन .

करगिल विजय के 20 बरस पुरे होने पर देश ने वीर सपूतों को किया नमन .

या तो मै तिरंगे के पीछे आऊंगा, या तिरंगे में लिपटा हुआ आऊंगा ये शब्द थे कारगिल युद्ध के एक 22 साल के एक योद्धा कैप्टन विक्रम बत्रा के. हिंदुस्तान आज कारगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने पर ऐसे ही वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है. पूरे देशभर में इस दिवस को उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है. 14 जुलाई 1999 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने जीत की घोषणा की थी, लेकिन आधिकारिक तौर पर 26 जुलाई को इसकी घोषणा की गई थी.

यह युद्ध 3 मई से से लेकर 26 जुलाई तक तक़रीबन 3 महीने तक चली , जिसके अंत में पड़ोसी पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इस युद्ध में कुल 527 भारतीय जवान शहीद हुए और 1400 से अधिक ज़ख्मी हुए. इन शहीद जवानों की स्मृति में भारतीय सेना द्वारा टोलोलिंग हिल के तलहटी स्थित द्रास में कारगिल वार मेमोरियल बनाया गया है , जिसे हर साल इस विजय दिवस पर दुल्हन की तरह सजाकर वीर जवानों को याद किया जाता है.

करगिल विजय के 20 बरस पुरे होने पर देश ने वीर सपूतों को किया नमन .

तीनों सेना प्रमुखों दी श्रद्धांजलि.

द्रास स्थित कारगिल वार मेमोरियल में तीनों सेना प्रमुखों ने जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की. नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ,वायू सेना प्रमुख बीएस धनोआ और थल सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने जवानों को याद किया. इसी मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए थल सेनाध्यक्ष जनरल ने कहा हम अपने देशवासियों को बताना चाहते हैं कि आप निश्चिंत रह सकते हैं कि रक्षा सेवाओं को दिए गए किसी भी काम को हमेशा पूरा किया जाएगा चाहे वह कितना भी मुश्किल क्यों न हो। हमारे सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा करते रहेंगे .युद्ध की शुरुआत पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर भारतीय सीमा में घुसपैठ करके की थी। भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना द्वारा समर्थित, पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों द्वारा कब्जा कर लिया गया क्षेत्र वापस ले लिया।मैं तत्कालीन प्रधानमंत्री (अटल बिहारी) वाजपेयी के उस बयान को याद करता हूं जब उन्होंने कहा था कि भारतीय सेनाओं को घुसपैठ को हटाने के लिए निर्देशित किया गया है। वह यह भी जोड़ने गए थे कि इससे पहले कि हम बलों को लॉन्च करें, हमें विश्वास है कि जीत हमारी होगी, और सेनाओं ने उन्हें निराश नहीं किया.

करगिल विजय के 20 बरस पुरे होने पर देश ने वीर सपूतों को किया नमन .

पीएम मोदी ने जवानों के साथ कारगिल युद्ध की तस्वीरें साझा की, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने श्रीनगर में दी श्रंद्धाजलि.

इस ऐतिहासिक दिवस पर पीएम मोदी ने अपनी पुरानी यादें ताज़ा की और कारगिल में जवानों के साथ अपनी तस्वीर साझा की और कहा 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान, मुझे कारगिल जाने और अपने बहादुर सैनिकों के साथ एकजुटता दिखाने का अवसर मिला.यह वह समय था जब मैं जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में अपनी पार्टी के लिए काम कर रहा था.कारगिल की यात्रा और सैनिकों के साथ बातचीत अविस्मरणीय है. आगे उन्होंने और लिखा कारगिल विजय दिवस पर मां भारती के सभी वीर सपूतों का मैं हृदय से वंदन करता हूं। यह दिवस हमें अपने सैनिकों के साहस, शौर्य और समर्पण की याद दिलाता है। इस अवसर पर उन पराक्रमी योद्धाओं को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। जय हिंद.
उधर खराब मौसम की वजह से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्रास नहीं जा सके. उन्होंने कश्मीर स्थित चिनार कोर (15 कोर) युद्ध स्मारक में श्रंद्धाजलि अर्पित की .

करगिल विजय के 20 बरस पुरे होने पर देश ने वीर सपूतों को किया नमन .

करगिल दिवस पर दोबारा रिलीज की गई विकी कौशल की फ़िल्म उरी.

भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर लिए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर बनी फिल्म उरी को द्वारा दोबारा दिखाए जाने की घोषणा की गई है. पूरे प्रदेश भर में कुल 500 थियेटरों में मुफ़्त में यह फिल्म दिखाई जाएगी. अभिनेता विकी कौशल और फ़िल्म निर्माताओं ने इस कदम में सहयोग के लिए सरकार का धन्यवाद किया.

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