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अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम के समीप रहने वाले 45 परिवारों को घर छोड़ने का नोटिस

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अहमदाबाद नगर निगम ने स्लम इलाकों में रहने वाले 45 परिवारों को मोटेरा स्टेडियम के पास वाली स्लम इलाक़े की जगह जहां 45 परिवार को वहां से हटने के लिए कहा गया है। कोई कह रहा है कि इस सारी तैयारियां ट्रंप के भारत दौरे को लेकर की जा रही है। इससे पहले शिवसेना ने भी अपने मुख्य पत्र सामना के जरिए सरकार पर निशाना साधा थ और पत्र में लिखा था कि क्या ट्रंप कोई महाराजा हैं । जो उनकी तैयारियों को लेकर भारत सरकार 3 दिन के लिए 100 करोड़ रुपए खर्च कर रही है।

ट्रंप के स्वागत को लेकर तैयारियां 

 

इस समय भारत में ट्रंप के स्वागत को लेकर जोरो शोरो से तैयारियां चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में कोई कमी न रह जाए इसके लिए सरकार तैयारियों में जुटी है। दिल्ली से गुजरात के रास्ते बनी जुग्गी झोपडिय़ों को ढकने के लिए सरकार ने उनके आगे लंबी दीवार खड़ी कर दी है, ताकि जुग्गी झोपड़ियां न दिखे। दरअसल ट्रंप दिल्ली से गुजरात के गुजरात जाने के लिए सड़क मार्ग के जरिए जायेगें और सरकार को लगता है कि अगर ट्रंप ने इन जुग्गी झोपडिय़ों को देख लिया तो भारत की बेइज्जती हो जाएगी। लेकिन सरकार को ए नहीं सूझ रहा है कि जितने रुपए से ए दीवार खड़ी की जा रही है, उतने में उन जुग्गी झोपडिय़ों को पक्के मकान में भी तब्दील किया जा सकता है।

इतना ही नहीं एक टीम बनाई गई है जो आवारा कुत्तों और नीलगायों को पकड़ने का काम करेगी । आपको बता दें कि 2015 में अमेरकी विदेश मंत्री जॉन कैरी भारत आए थे तो उनके गाड़ी एक आवारा कुत्ते से टकरा गई थी। शायद ऐसी गलती दोबारा न इसी लिए यह सब इंतजाम किया जा रहा है।

वहीं दूसरी तरफ निर्माण कार्य में लगे स्लम में रहने वाले करीब 200 परिवारों का कहना है कि उन्हें यहां से जाने के लिए कहा गया है। परिवारों का कहना है कि वे दो दशक से यहां रह रहे हैँ और ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम की वजह से उन्हें यहां से हटाया जा रहा है। हालांकि, अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि  नोटिस का ट्रंप के कार्यक्रम से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है। आपको बता दें कि इसी मोटेरा स्टेडियम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम नमस्ते ट्रंप का आयोजन भी किया जाना है।

अगर वे परिवार वहां वर्षों से रह रहें थे, तो उन्हें पहले ही क्यों नहीं हटाया गया? ?और अगर नगर निगम का यही कहना है कि ट्रंप के दौरे को लेकर इन परिवारों को नहीं हटाया जा रहा है, तो ट्रंप के दौरे के बाद भी इन्हें हटाया जा सकता है??

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दिल्ली

लॉकडाउन की वजह से लोगों की जा रही है नौकरियां, बेरोजगारी दर बढ़ी

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कोरोना वायरस के संकट से उबरने के लिए देशभर में 14 अप्रैल तक के लिए लगा हुआ है। इस महामारी की वजह से भारत ही नहीं विभिन्न विकसित और विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। अर्थव्यवस्था ही नहीं सुस्ती हो रही है बल्कि देश में लगे लॉकडाउन की वजह से लोग बेरोजगार हो रहे हैं।

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनामी के सप्ताहिक ट्रैकर सर्वे के अनुसार देश में शहरी बेरोजगार दर 30.09 फ़ीसदी तक हो गई है। जबकि देश की बेरोजगारी दर बढ़कर 23.4 तक पहुंच गई है। मार्च महीने के मध्य के 8.4 से बढ़कर बेरोजगारी दर 23 फ़ीसदी तक पहुंच गई है।

इतने लोगों को नौकरी से धोना पड़ा हाथ

जैसे – जैसे देश की अर्थव्यवस्था सुस्ती होती जा रही है, ठीक उसी प्रकार लोगों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ रहा है। भारत ही नहीं अमेरिका की भी बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं। भारत में पिछले दो हफ्तों में कहे 50000000 लोग अपनी नौकरी से हांथ धो बैठे हैं। अगर इस महामारी की स्थिति ऐसी ही बनी रही तो बेरोजगारी का आंकड़ा और ऊपर जा सकता है। लॉक डाउन की वजह से जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बंद हैं। जिसकी वजह से बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों की छटनी कर रही हैं।

‌‌ व्यापार संगठन रहा काफी प्रभावित

कोविड-19 नामक महामारी की वजह से व्यापार संगठन काफी प्रभावित हुआ है। व्यापार संगठन को हजारों करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा है। लगभग हर बड़ी कंपनियों को इस महामारी जी की वजह से अच्छा – खासा नुकसान उठाना पड़ा है। एक तरफ जहां देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है तो दूसरी तरफ कोविड-19 से मौत का आंकड़ा बढ़ता ही चला जा रहा है। विश्व भर में इस वायरस के कारण अब तक 55000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 11 से 12 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं।

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दिल्ली

सांसद निधि को 2 साल के लिए किया गया स्थगित, राष्ट्रपति लेंगे बस इतनी तनख्वाह

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देश में फैले महामारी कोविड 19 नमक कोरोना वायरस को मद्देनजर सोमवार की कैबिनेट मीटिंग में अहम फैसले लिए गए। इस कैबिनेट मीटिंग में सांसद निधि को 2 साल के लिए टालने का भी फैसला किया गया है। इसके अलावा राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल समेत कई सांसदों ने अपनी वेतन का 30 फीसदी योगदान देने को कहा है। 2 साल के लिए MPLAD फंड के 7900 करोड़ रुपये का उपयोग भारत की संचित निधि में किया जाएगा।

Prakash Javadekar

@PrakashJavdekar

briefing by I&B Minister @PrakashJavdekar
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📍Venue : National Media Centre, New Delhi

Watch LIVE on PIB’s

YouTube: https://youtu.be/kNpRcw5b8Ek 
Facebook: http://facebook.com/pibindia/ 

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कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कैबिनेट ने भारत में महामारी के प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन के लिए 2020-21 और 2021-22 के लिए सांसदों को मिलने वाले MPLAD फंड को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है।

सोमवार को कैबिनेट की यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी जिसमें 1954 के सांसद अधिनियम के तहत सदस्यों, के वेतन, भत्ते, और पेंशन में संशोधन के लिए अध्यादेश की मंजूरी दे दी। 1 अप्रैल 2020 से 1 साल के लिए भत्ते और पेंशन को 30 फीसदी तक कम कर दिया गया है।

तेजी से फ़ैल रही इस महामारी ने पूरे विश्व को अपनी जत में ले लिया है। भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 4 हजार के पार जा चुकी है । जबकि मरने वालों की संख्या 100 का पार जा चुकी है। इस समय देश को इस महामारी से बचाने के लिए हम सब के योगदान की जरूरत है। हेडलाइन्स ऑफ टूडे आप से यही अपील करता है कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, घर से बाहर न निकले, इमरजेंसी में ही घर से बाहर निकले। अभी देश में 14 अप्रैल तक के लिए लॉकडॉउन लगा हुआ है। जिसमे से मात्र अब 8 दिन बचे हैं। इसके बाद सरकार क्या फ़ैसला लेगी, ए तो अब 14 अप्रैल के बाद हि मालुम चल पाएगा।

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देश

ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए रखे व्रत और करें प्रार्थना

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पूरी दुनिया की तरह ब्राजील भी कोरोनावायरस से जूझ रहा है ब्राजील में अब तक करीब 10000 लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं जिसमें से 360 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसी बीच राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने ब्राजील को कोरोनावायरस से मुक्त कराने के लिए देशवासियों से अपील की है कि वे वह इस आने वाले रविवार को व्रत रखें और भगवान से प्रार्थना करें कि महामारी से मुक्ति दिलाएं।

पूरे विश्व में कोरोनावायरस से हाहाकार मचा हुआ है भारत में भी संक्रमित तो का आगरा 3000 के पास जा चुका है । पूरी दुनिया इस वक्त प्रार्थना करने में लगी हुई है कि जल्द से जल्द कोविड-19 नामक महामारी से मुक्ति मिले। ब्राजील के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ब्राज़ीलियाई लोग पादरियों और धार्मिक नेताओं के साथ मिलकर 1 दिन का व्रत रखें और पूजा करें ताकि ब्राजील जल्द से जल्द इस बुराई से खुद को मुक्त कर सके।

वास्तव में कोरोनावायरस महामारी तीसरे विश्व युद्ध की तरह है जिसमें सैनिकों के घायल होने की संख्या प्रतिदिन हजारों की गुना में बढ़ रहे हैं और ऐसे ही मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है। पूरे विश्व भर में करीब 10 से 12 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 50 से 60 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। इस महामारी से लड़ने के लिए आप हम सब अपने घरों में रहकर प्रार्थना कर सकते हैं क्योंकि घर से बाहर निकलना इस महामारी को न्योता देना साबित होगा।

सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी गाइडलाइंस का पालन करें। इमरजेंसी हो यादव राशन दूध या अन्य खाद्य सामग्री खरीदनी हो तभी घर से बाहर निकले और आने के बाद घर में घुसने से पहले अपने सभी कपड़े उतारकर धुलें और नहाकर की घर में प्रवेश करें।

अगर आप बेवजह घर से बाहर निकलेंगे और लोगों से मिलाप करेंगे तो कोरोनावायरस आपका पीछा भी कर सकता है क्योंकि आपको पता नहीं होगा कि जिस आदमी से आप मिलना है वह कोरोनावायरस से संक्रमित हैं। इस महामारी का पता 1 हफ्ते या 10, 15 दिन बाद ही लग पाता है।

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