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SBI ग्राहकों के लिए खुशखबरी, बैंक ने किया यह बड़ा ऐलान

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए एसबीआई के एटीएम से किए गए लेनदेन पर सर्विस चार्ज माफ करने का फैसला लिया है। साथी एसबीआई के ग्राहक दूसरे बैंक एटीएम से भी इस सुविधा का 30 जून तक लाभ उठा सकेंगे । यानी 30 जून तक एसबीआई के ग्राहकों को एटीएम से पैसा निकालने पर किसी भी तरह का चार्ज नहीं देना होगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 15 अप्रैल 2020 को अपने वेबसाइट पर इसकी आधिकारिक घोषणा की थी।

SBI has decided to waive the ATM Service Charges levied on account of exceeding the number of free transactions, until 30th June.#SBI #Announcement #ATM #Transactions pic.twitter.com/d34sEy4Hik

— State Bank of India (@TheOfficialSBI) April 15, 2020

गौरतलब है कि इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 24 मार्च को घोषणा की थी कि बैंक के ग्राहक द्वारा किसी भी अन्य बैंक के एटीएम से तीन महीने तक यानी 30 जून तक नकद निकासी पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। डेबिट कार्डधारक किसी भी अन्य बैंकों से मुफ्त में नकदी निकाल सकते हैं। वित्त मंत्री ने कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए यह फैसला लिया था।

इसके अलावा एसबीआई ने एक और निर्णय लिया है एसबीआई ने 15 अप्रैल से सेविंग अकाउंट यानी बचत खातों में ब्याज दर घटाकर 2.5 फ़ीसदी कर दी है। इसमें 0.25 फिसदी की कटौती की गई है। अभी तक एसबीआई अपने ग्राहकों को सेविंग अकाउंट पर 10% का ब्याज देता आ रहा था लेकिन अब एटीएम चार्ज माफ करने की वजह से एसबीआई ने सेविंग अकाउंट में से ब्याज दर में 0.25 फ़ीसदी की कटौती करने का निर्णय लिया है। साथ ही इसके अलावा स्टेट बैंक ने सभी अवधि के लोन पर मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में भी 0.35 फीसद की कटौती का ऐलान किया है। यह सब निर्णय कोरोनावायरस को मद्देनजर देखते हुए लिया गया है देश में लगातार कोरोनावायरस संक्रमण का मामला बढ़ता जा रहा है और अब लाकडाउन को भी 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

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दुनिया

यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव, खुद ट्वीट कर दी जानकारी

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विश्व भर में फैली महामारी कोरोनावायरस से ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन भी संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने खुद ट्विटर के माध्यम से इसकी जानकारी देते हुए लिखा पिछले 24 घंटों में कुछ लक्षण नजर आए हैं और कोरोना वायरस की जांच पॉजिटिव आई है। कोविड-19 से संक्रमित होने के साथ ही उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। हालांकि, उन्होंने कहा है कि कोरोना के खिलाफ जंग में वे सरकार का नेतृत्व करते रहेंगे और घर से ही वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कार्य करेंगे।

आप यह न सोचे कि आप सेलिब्रिटी है आप हमें भी है आप राजनेता हैं तो आपको कोरोनावायरस नहीं हो सकता यह आपकी गलत सोच है ।क्योंकि यह वायरस या नहीं देखता कि आप कौन हैं आप की क्या हैसियत है। अगर इस वायरस से बचना है तो खुद को सुरक्षित रखना पड़ेगा दूसरों से दूरी बनाकर रखनी पड़ेगी खुद को घर में रखना पड़ेगा।

ब्रिटेन में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बुधवार (25 मार्च) सुबह तक बढ़कर कुल 9,529 हो गई है। यूके के डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ एंड सोशल केयर ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि मंगलवार (24 मार्च) के आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में कुल 1,452 मामलों की वृद्धि देखने को मिली। कोविड-19 से संक्रमित कुल 463 मरीजों की मौत हो चुकी है।

विश्व भर की अनेक देशों में कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं ।इस वायरस पर तक काबू नहीं पाया जा सका है विश्व भर में करीब 4:30 लाख लोग इससे संक्रमित पाए गए हैं जबकि 20000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

भारत में भी कोरोनावायरस से संक्रमित मामलों की लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अगर आप खुद को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो घर के अंदर ही अंदर के बाहर ना निकले। सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करें और खुद को इस वायरस से सुरक्षित रखें।

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दिल्ली

गर्भवती महिलाएं पढ़े की महामारी कोरोना वायरस उनके लिए कितनी घातक है, कैसे करें बचाव?

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कोरोना वायरस पूरी दुनिया में जैसे इंटरनेट के माध्यम से ख़बर फैलती है। ठीक उसी प्रकार यह महामारी एक इंसान से दूसरों इंसान में फ़ैल रही है। अब तक विश्व भर में 20 हजार लोगों इस महामारी ने मौत के घाट उतार दिया है। जबकि 4.5 लाख लोग इसके संक्रमण से जूझ रहे हैं। ऐसे में खास कर गर्भवती महिलाओं के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि यह वायरस उनके और उनके पेट में पल रहे बच्चे के लिए कितना ख़तरनाक साबित हो सकती है। आइए जानते हैं, गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए क्या नहीं-

 

  1. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO कि मैने तो अगर गर्भवती महिलाओं में इस वायरस का कोई भी लक्षण दिखता है तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर जांच करानी चाहिए। और अगर अगर गर्भवती महिलाओं में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि होती है तो उन्हें इसके लिए विशेष ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ेगी।
  2. WHO की तरफ से कहा गया है कि अभी तक किसी गर्भवती महिला के गर्भ में मौजूद तरल या दूध (breastmilk) में नहीं पाया गया है। जिससे उसके गर्भ में मौजूद भ्रूण या हाल में जन्में बच्चे तक ये वायरस पहुंच सके । अभी तक कोई ऐसा ऐसा मामला नहीं पाया गया है।
  3. WHO कि जारी गाइडलाइंस के मुताबिक अगर इस वायरस के संक्रमण की वजह से मां कि तबीयत अधिक ख़राब हो जाती है । तो ऐसे में स्वस्थ होने तक वह बच्चे को सीधे अपना दूध नहीं पिला सकती तो इसके कई विकल्प हैं। इसके लिए मां को अपना दूध निकालकर बच्चे को (Expressing Milk) पिला सकती है।
  4. WHO का कहना है कि जरूरी नहीं कि कोविड-19 संदिग्ध या संक्रमित महिलाओं को ऑपरेशन के जरिये ही डिलीवरी करानी चाहिये। ऑपरेशन से डिलीवरी तभी होनी चाहिए जब चिकित्सकीय रूप से उसकी आवश्यकता पड़े। प्रसव किस तरह से हो ये महिला की इच्छा, चिकित्सकीय स्थितियों और अलग-अलग प्रसव कंडीशन पर निर्भर करता है। प्रसव के दौरान यह बेहद जरूरी है कि आपकी इच्छा के अनुसार कोई एक करीबी आपके साथ मौजूद रहे ताकि। वह आपकी देखभाल कर सके। मैटेरनिटी स्टॉफ (Maternity Staff) के साथ स्पष्ट संवाद होना बेहद आवश्यक है। अगर प्रसव के दौरान दर्द निवारण के लिए उचित पेन रिलीफ स्ट्रेटिजी (Pain Relief Strategies) डॉक्टर के कहे अनुसार ही खाएं।

कोवाड 19 नामक भयावह महामारी से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को भी वहीं सावधानियां बरतने की आवश्यकता है जो एक आम इंसान इस महामारी से बचने के लिए कर रहा है।

  • सैनिटाइजर, अल्कोहल युक्त साबुन से निरन्तर अपने हांथ 20 सेकंड तक पानी से धोएं।
  • सोशल डिसटैंसिंग अपनाना बेहद जरूरी है। जितनी दूरी हो सके उतनी दूरी लोगों से बनाए। यहां तक अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी कम से कम दो मीटर की दूरी बना कर रखें। भीड़भाड़ वाले इलाके में भ्रमण न करे जितना हो सके अपने घर पर ही रहें।
  • अपने हांथ को अपनी आंख, नाक व मुंह पर न ले जाए। क्योंकि आपके आंख, नाक व मुंह के माध्यम से यह वायरस आपके शरीर के अंदर जा सकता है।
  • गर्भवती महिलाएं या जिन्होंने हाल में बच्चे को जन्म दिया है, अगर वो कोरोना वायरस से संक्रमित भी हैं तो वह अपना रूटीन ट्रीटमेंट जारी रखें। ताकि उनको पल पल की खबर मिलती रहे की उनका स्वास्थ कैसा है।
  • जब खांसी या छींक आए तो मुंह और नाक को कोहनी मोड़कर कवर लें । या तो रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें और उस टिश्यू पेपर को बंद डस्टबीन डिब्बे में डाल दें।
  • शरीर में कुनकुनाहट है, बुखार, सर्दी-जुकाम या सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो बिना देर किए तुरंत चिकित्सकीय मदद लें। और अस्पताल जाकर जांच कराएं।
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दिल्ली

#Covid 19, England के प्रिंस चार्ल्स हुए कोरोना वायरस से संक्रमित

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ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए हैं। इंग्लैंड में यह वायरस आग की तरह फैलता जा रहा है। मंगलवार को ही इस वायरस से ब्रिटेन में 87 लोगों की मौत हो गई। जबकि अकेले इंग्लैंड में ही इस वायरस से 422 लोगों की मौत हो चुकी है। और अब वहां के शाही परिवार में भी यह वायरस अपने पैर पसार चुका है। पूरी दुनिया में इस वायरस से 20 हाजर लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 4.5 लोग इससे संक्रमित हैं।

बताया जा रहा है कि क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के 71 वर्षीय बेटे प्रिंस चार्ल्स में इस वायरस के पॉजिटिव लक्षण पाए गए हैं। हालांकि उनकी 72 वर्षीय पत्नी कैमिला सुरक्षित हैं। प्रिंस चार्ल्स को आइसोलेशन पर रखा गया है।

इस वायरस की चैन को तोड़ने का एकमात्र उपाय है कि आप अपने घरों से बाहर न निकले और सोशल दिस्तांसिंग बनाए रहें। यह वायरस यह नहीं देखता की आप राजा हैं, महाराजा हैं, या आम नागरिक हैं, या किसी देश की लीडर हैं, या कोई फिल्मी सितारे हैं, सब को यह वायरस अपने चपेट में ले सकता है अगर इससे दूरी नहीं बनाई गई। मालूम हो कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने संक्रमण को रोकने के लिए तीन हफ्ते के लॉकडाउन का एलान किया था। लेकिन ब्रिटेन के लोग उनके फरमान को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। देश में चलने वाली अंडरग्राउंड ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है जो इस आदेश पर सवाल उठा रही है।

इस महामारी से सुरक्षित बचने के लिए बीते दिनों ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को बकिंघम पैलेस से विंडसर कैसल में स्‍थानांतरित कर दिया गया था। हालांकि, तब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय या उनके किसी करीबी में कोराना वायरस के लक्षण नहीं देखे गए थे। उस वक्‍त प्रशासन ने एहतीयाती तौर पर यह कदम उठाया था।

भारत में 14 अप्रैल तक के लिए लॉक डॉउन है। अगर आप चाहते हैं कि यह वायरस के आप के घर न आए तो एक ही उपाय है कि घर से बाहर ही m निकले। अगर आप बाहर निकलते हैं और उन लोगों से मिलते हैं जो इस महामारी से संक्रमित हैं और उन्हें पता नहीं है तो आप भी इस वायरस के शिकार हो सकते। फिर आप से यह वायरस आप के पूरे घरवालों में फ़ैल जाएग। और आपको पता भी नहीं चलेगा। आपकी, आपके परिवार की ,और पूरे देश की सुरक्षा इसी में है कि इन 21 दिनों तक अपने आप को घर में रखे।

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