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Paatal Lok Review: इस वीकेंड पाताल लोक में सैर करें भारतीय मनोरंजन जगत की बेहतरीन क्राइम थ्रिलर के साथ.

फाइल फोटो - पाताल लोक .

 

अमेजन प्राइम पर रिलीज हुई वेब सिरीज पाताल लोक भारतीय मनोरंजन जगत की बेहतरीन क्राइम थ्रिलर सीरीज में गिनी जाएगी. सीरीज की कहानी शुरू होती है एक न्यूज चैनल में प्राइम टाइम एंकर के हत्या की साज़िश में गिरफ्तार हुए चार लोगों से. ये चार लोग कहां से आए है. किसने इन्हें मारने की सुपारी दी. इसके पीछे किसका हाथ है. इन्ही जवाबों को ढूंढती हुई सीरीज आगे बढ़ती है. इसे आगे बढ़ाते है आउटर जमुनापार थाने के पुलिस इंस्पेक्टर हाथी राम चौधरी यानी जयदीप अहलावत.  हाथी राम चौधरी अपने प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ में कई तरीके के उलझनों से जूझता नजर आता है . सीरीज के ठीक शुरुआत से अंत तक इनकी अदाकारी से नजरें हटाना मुश्किल है.

वहीं प्राइम टाइम पर आने वाले पत्रकार की भूमिका निभाई है नीरज काबी ने. देश की राजधानी स्थित एक अंग्रेजी चैनल के प्राइम टाइम पर आने वाले हाई प्रोफाइल पत्रकार के जीवन में  ऐसी घटना के बाद किस तरीके का खौफ पैदा होता है, इससे निकलने के लिए अपने माध्यम को जरिया बना कर कैसी कोशिशें करता है ये सब आपको सीरीज में आगे दिखाई देंगी.

खासकर वेब सीरीज में अनेक किरदारों पर पर बारीक से अध्ययन करने का अवसर बना रहता है. जो आपको इस सीरीज में भी दिखेंगी. हथौड़ा त्यागी और Tope सिंह जैसे किरदार याद रहेंगे.  किस तरीके से राजनीतिक और जातीय संघर्षों के बीच उनके भीतर एक तरीके की सोच पैदा होती है. जो हिंसा का रूप लेती है. इसमें उनका सामाजिक परिवेश किस तरीके से जिम्मेदार है.

इस सीरीज में भाषा को तनिक भी तोड़ मरोड़ कर पेश नहीं किया गया है. बुंदेलखंडी से लेकर हरियाणवी,जिस लहजे में लिखी गई बिल्कुल उसी लहजे में फिल्माया गया है. इससे पाताल लोक में एक अलग तरह की वास्तविकता नजर आती है.  कुछ एक जगहों पर ऐसे दृश्य भी हैं जो आपको बिल्कुल असहज  कर देंगे. फिल्मकारों ने ओटीटी प्लेटफॉर्म की इस आजादी का इस सीरीज में भरपूर उपयोग किया है. जिसपर शायद सेंसर बोर्ड की कैंची जरूर चलती.

इस उम्दा सीरीज पर अनुष्का शर्मा की प्रोडक्शन हाउस ने पैसे लगाए हैं. और इसे  मिलकर डायरेक्टर किया है अविनाश अरुण और प्रोसित रॉय ने. पाताल लोक के लेखक  सुदीप शर्मा ने मीडिया को बताया कि  पत्रकार तरुण तेजपाल की किताब ‘द स्टोरी ऑफ माई असैसिन्स’ का महज एक छोटा हिस्सा इन्होंने यूज़ किया.  बाकी के कई किरदारों को इन्होंने जोड़े. सुदीप इससे पहले भी उड़ता पंजाब और NH10 जैसी सफल फिल्में लिख चुके हैं.

अंत में मेरी इस वेब सीरीज के क्रिएटर से एक अपील है ,अगली बार इसके दुसरे सीजन में गलियों की संख्या थोड़ी कम कर दें . ताकि ऐसा न लगें की गलियां ठूंस ठूंस कर जबरदस्ती डाली गयी हों .

 

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About the author

Uddesh Kumar

पत्रकारिता का छात्र हूं. खबरों से मोलभाव करना आदत नहीं. ख़ुद कम बोलता हूं, दूसरों की अधिक सुनता हूं.कविताएं लिखना और पढ़ना दोनों ही देर रात तक जगाती है. साल 2020 में पहली पुस्तक " काविश" प्रकाशित की गयी .

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